आजाद परिंदे... नापने चले है आसमां को आज हम पता नहीं मंजिल मिलेगी नहीं मिलेगी लेकिन दृढ़ हौसला और निश्चिंत संकल्प से हम मंजिलों को आज नहीं तो कल चूम ही लेंगे।मिलती है रास्ते में कहीं भी खुदगर्ज यारियां, मिलती है कई गुस्ताखियां और कई बेईमान लोग, गंतव्य के अंदर आई सारी इन समस्याओं से पार पाने वाले ही होते हैं आजाद परिंदे... एक काला और सफेद फोटोग्राफ्स लिया गया दौलतगढ़ में स्थित तालाब के ऊपरसे जहां पर कुछ आजाद परिंदे अपने गंतव्य मार्ग की और बढ़ते हुए...
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