माना कि मंजिल का तो हमें पता नहीं लेकिन इतना मालूम है कि मंजिल हमारी कुछ भी हो इरादे हमारे ही होंगे उसमें किसी का गोल मोल नहीं होगा, चल पड़े हैं हम उन रास्तों पर जिनकी मंजिल का हमें पता नहीं पर यह तो कंफर्म है कि यह रास्ते इंसानियत और दोस्ती को शर्मसार करने वाले नहीं हैं...
@unknown artist...
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